उद्योग क्षेत्रों में आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करना
ग्रीन करियर शुरू करने के लिए युवाओं में तकनीकी दक्षता, जीवन कौशल और पर्यावरणीय चेतना का विकास।
भारत में प्रदूषण संतुलन हेतु कुशल और पर्यावरण के अनुकूल तकनीशियन की आवश्यकता है
कौशल की कमी को दूर करना
भारत ने 2070 तक कार्बन उत्सर्जन जीरो करने का संकल्प लिया है, वही 2030 तक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 6.3 करोड़ शारीरिक श्रम से संबंधित नौकरियों के अवसर की उम्मीद है। हमें ऐसे कुशल तकनीशियन और ऑपरेटर चाहिए जो सतत विकास को समझते हो । लेकिन कंपनियों को आज भी कुशल कारीगर ढूंढने में संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण कौशल विकास
हर साल 12 लाख भारतीय युवा तकनीकी शिक्षा में प्रवेश लेते हैं - इनमें से कई ऐसे छात्र हैं जो तकनीकी कार्यों में रुचि रखने वाले पहले पीढ़ी के शिक्षार्थी हैं। उनकी लगन और क्षमता को, उद्योग से जुड़े कौशल और ग्रीन करियर के अवसरों से जोड़ने की जरूरत है।
युवाओं को ग्रीन जॉब्स के लिए तैयार करना
- उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण
- वास्तविक कार्य का अनुभव
- समावेशी प्रभाव
- नेतृत्त्व कौशल का विकास
- देश-विदेश के नेटवर्क से जुड़ाव
- नई-नई चीजे सीखने पर जोर
हमारा प्रभाव
Pakka Skills ने स्थानीय युवाओं, ग्लोबल इंडस्ट्री और शैक्षणिक पार्टनर्स के साथ विश्वास बनाया है ताकि ग्रेजुएट्स को पारंपरिक और आधुनिक, ग्रीन ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा सके।
2004 में स्थापना के बाद से 4,000 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया
90% से अधिक प्लेसमेंट रिकॉर्ड
2024-25 से, औसत वेतन ₹15,000 प्रति माह है
औसत वेतन उद्योग मानक से 25% अधिक है
हमारे सार्थी
हम 30 से अधिक कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे युवाओं को भविष्य के हिसाब से ग्रीन स्किल्स सिखाई जा सके।
























