एक स्वच्छ धरती के लिए स्किलिंग
हम युवाओं, अर्ली-टू-मिड करियर प्रोफेशनल्स और कॉरपोरेट्स के साथ मिलकर समुदाय, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण में सतत बदलाव लाने के लिए काम करते हैं।
हम किनके साथ काम करते हैं
युवा
- आयु: 18 से 22 वर्ष
- वंचित समुदायों से आने वाले प्रथम-पीढ़ी के शिक्षार्थी
- लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म स्किल-बिल्डिंग कोर्सेस के माध्यम से
प्रोफेशनल्स
- अर्ली से मिड-करियर भूमिकाओं में कार्यरत
- सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग में करियर के लिए
- स्पेशलाइज़्ड कोर्सेस के माध्यम से
कॉरपोरेट्स
- कम्पोस्टेबल पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े
- संगठन के सभी स्तरों पर आंतरिक क्षमता निर्माण के लिए
- कॉरपोरेट ट्रेनिंग वर्कशॉप्स के माध्यम से
हमारा प्रभाव
स्किल निर्माण, सम्मानजनक रोज़गार
- 2004 से अब तक 4,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण, 90% से अधिक प्लेसमेंट रेट के साथ
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“सिंगापुर में मेरा एक हफ्ता जीवन बदल देने वाला था। मैंने बेहतरीन इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सस्टेनेबल शहर देखे। वहाँ के छात्रों से मिलना और उनकी संस्कृति के बारे में जानना सबसे खास अनुभव रहा।”
- अमोल मिश्रा, छात्र
ऑन-द-जॉब लर्निंग, करियर का स्पष्ट रास्ता
- “Pakka स्किल्स में जो हमने सीखा, वह सीधे काम में आता है।” - सूरज, Pakka Limited में कार्यरत
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“छात्र तेज़ी से सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं। उनमें न सिर्फ तकनीकी दक्षता होती है, बल्कि आगे बढ़ने की आंतरिक प्रेरणा भी होती है।”
- अजय रत्नानी, सीनियर जनरल मैनेजर (HR), Amrit Bottlers
सस्टेनेबिलिटी इकोसिस्टम को मज़बूत करना
- तकनीशियन और ऑपरेटर भूमिकाओं के लिए औसत वेतन, इंडस्ट्री स्टैंडर्ड से 25% अधिक
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“मैं पेपर और पल्प इंडस्ट्री में लगातार सीखते और आगे बढ़ते रहना चाहता हूँ। यह मुझे संतोष देता है और आगे बहुत से अवसर दिखते हैं।”
- टिंकू, Sunmarc Industries में कार्यरत
फ़ीचर्ड स्टोरीज़
“Pakka Skills में जो हम सीख रहे हैं, वह सीधे काम में आता है।”
- सूरज, Pakka Limited में कार्यरत
अयोध्या के रसूलाबाद गांव से आने वाले सूरज ने जौनपुर के एक ITI में दाखिला लेने के बाद दिशा को लेकर संघर्ष किया। केरल और सूरत में कुछ समय काम करने के बाद वे अनिश्चित भविष्य के साथ घर लौट आए। 2023 में अपने चचेरे भाई के कहने पर जब उन्होंने Pakka Skills जॉइन किया, तो उन्हें यह एक दूसरा मौका लगा।
Central Pulp & Paper Research Institute और Pakka Limited में इंटर्नशिप के दौरान उनकी लगन साफ दिखी। 2024 में Pakka ने उन्हें कॉन्ट्रैक्ट रोल ऑफर किया, जिसमें वे काम के साथ-साथ अपनी ट्रेनिंग भी जारी रख सके।
“Pakka में काम करना मेरी ज़िंदगी की सबसे अच्छी बात है,” सूरज गर्व से कहते हैं। “Pakka Skills में जो कुछ भी सीख रहे हैं, वह सीधे काम में आता है।” अलग-अलग नौकरियों के बीच भटकने से लेकर एक आत्मविश्वासी, कुशल कर्मचारी बनने तक - सूरज ने हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और अपने संकल्प से अपना भविष्य गढ़ा।
“यहाँ की भाषा और नया कल्चर देखने को मिल रहा है।”
- राखी, Tata Electronics में कार्यरत
अयोध्या के एक छोटे से गांव की रहने वाली और विवाहित राखी ने Pakka Skills से अपना वोकेशनल कोर्स पूरा करने के बाद Tata Electronics, बेंगलुरु में कैंपस प्लेसमेंट हासिल किया। यह उनके लिए एक बड़ा बदलाव था। शुरुआती संदेह और एडजस्टमेंट की दिक्कतों के कारण वे और अन्य महिला छात्राएं दो महीने बाद घर लौट आईं।
इसके बाद जो हुआ, वह प्रेरणादायक था। मौके की अहमियत — आर्थिक स्वतंत्रता, सुरक्षा और बेहतर भविष्य — को समझते हुए राखी और उनकी साथी छात्राएं Pakka Skills टीम के निरंतर सहयोग के साथ नए संकल्प के साथ दोबारा बेंगलुरु लौटीं।
“मैं हॉस्टल में रहती हूँ, फैक्ट्री से बस आती है — यहाँ बहुत सुरक्षा है। एक अच्छी बात ये भी है कि अब यहाँ की भाषा और नया कल्चर भी देखने को मिल रहा है,” वह बताती हैं।
राखी की तरह, 2024 में 18 महिला छात्रों का Tata Electronics में प्लेसमेंट हुआ।
“प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग ने मुझे नौकरी की परीक्षाएँ पास करने में मदद की।”
- राजनीश, BARC में कार्यरत
सुल्तानपुर जिले के एक गांव से आने वाले राजनीश ने 12वीं के बाद Pakka Skills का फिटर कोर्स जॉइन किया। महामारी के बावजूद उन्होंने डिजिटल लर्निंग के ज़रिए अपनी पढ़ाई जारी रखी। Pakka Limited में इंटर्नशिप के दौरान बड़ी औद्योगिक मशीनों को देखकर तकनीकी क्षेत्र के प्रति उनका रुझान और गहरा हुआ।
उनकी मेहनत रंग लाई। पहले उन्होंने कानपुर से Craftsman Instructor Course क्वालिफाई किया। फिर डिफेंस सेक्टर में GRSE में चयन हुआ। और अंततः 2024 के अंत में उन्होंने BARC (Bhabha Atomic Research Centre) — मुंबई के एक प्रतिष्ठित रिसर्च संस्थान — की प्रतियोगी परीक्षा पास की।
राजनीश की तरह, पिछले 4 वर्षों में Pakka Skills के 7 छात्रों ने विभिन्न सरकारी परीक्षाएं पास की हैं, जिसका श्रेय वे हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और इंडस्ट्री से जुड़े सीखने को देते हैं।
“मैं पेपर और पल्प इंडस्ट्री में सीखते रहना और आगे बढ़ना चाहता हूँ।”
- टिंकू, Sunmarc Industries में कार्यरत
बिहार से अयोध्या आने के बाद टिंकू को पहली बार Pakka Skills के बारे में पता चला। कुछ नया सीखने की चाह में उन्होंने 2021 में पेपर एंड पल्प कोर्स जॉइन किया। मशीनों के साथ हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और मेंटॉरशिप से उनका आत्मविश्वास बढ़ा, वहीं वॉलीबॉल और क्रिकेट जैसी खेल गतिविधियों ने उनकी टीमवर्क और कम्युनिकेशन स्किल्स को मजबूत किया।
ट्रेनिंग के बाद टिंकू को पंजाब में Kuantum Paper में ₹12,000 सैलरी पर कैंपस प्लेसमेंट मिला। इसके बाद उनका सफर तेलंगाना से तमिलनाडु तक पहुंचा, और आज वे नागपुर, महाराष्ट्र में Sunmarc Paper Industry में शिफ्ट इंचार्ज के रूप में ₹42,000 कमा रहे हैं — जो उनकी आय में बड़ा उछाल है।
टिंकू अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट हैं,
“मैं पेपर और पल्प इंडस्ट्री में सीखते रहना और आगे बढ़ना चाहता हूँ। मुझे यह काम सार्थक लगता है और आगे बहुत अवसर दिखते हैं।”
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